IMD ने जारी की भारी बारिश और लू की चेतावनी: 15 राज्यों में अलर्ट
  • मई, 26 2026
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जब भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश भर के लिए अपनी नई चेतावनी जारी की, तो कई राज्यों में मौसम का मूड बदलने वाला था। यह सिर्फ एक सामान्य बारिश नहीं थी; यह उस बिंदु पर खड़ा था जहाँ गर्मी की लहरें और आंधी-तूफान आम जनजीवन को प्रभावित करने लगे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के बढ़ते प्रभाव के साथ, उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

यहाँ बात सिर्फ पानी की नहीं है। विभाग ने गरज-चमक, तेज हवाओं, ओलावृष्टि और चक्रवात 'शक्ति' जैसे मौसमी खतरों को लेकर अलग-अलग समय अवधियों में अलर्ट जारी किए हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, हालात ऐसे बन रहे हैं कि अगर आपने अभी तक अपना बैग पैक नहीं किया है या फसलों की सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया है, तो अब वक्त कम हो गया है।

राजस्थान और गुजरात में मौसम का उल्टा-पुल्टा खेल

रविवार को जब राजस्थान और गुजरात में बारिश शुरू हुई, तो स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन तस्वीर थोड़ी जटिल थी। राजस्थान के चूरू शहर में पिछले 24 घंटों में 51.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो कि एक ठोस संख्या है। हैरानी की बात यह रही कि इस भारी बारिश के बावजूद, वहां अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस बना रहा। यानी, आसमान से पानी गिर रहा था, लेकिन धरती की गर्मी कम नहीं हो पा रही थी।

इसी तरह, भरतपुर विभाजन के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। IMD ने पूर्वोत्तर राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों तक भारी बारिश और पश्चिमी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। दक्षिण गुजरात, मध्य गुजरात और सौराष्ट्र क्षेत्र में रविवार के बाद सोमवार को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

उत्तर भारत में अगस्त का माहौल, मई में

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए चेतावनी गंभीर है। IMD ने हिमाचल प्रदेश में 2 जुलाई तक और उत्तराखंड में 4 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों के लिए 1 जुलाई से 3 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी लागू रहती है।

लेकिन रुकिए, यह सब भविष्य की बात है। वर्तमान में, 25 मई से 30 मई के दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम खराब बना रह सकता है। इस अवधि में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विशेष रूप से 29 मई को हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है, जो कि फसलों और बुनियादी ढांचे के लिए खतरनाक हो सकती है।

पूर्व और पूर्वोत्तर में तूफानी हवाओं का डर

पूर्वोत्तर भारत की बात करें, तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपura के लिए 1 जुलाई और 3 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 25 मई से 29 मई तक इन क्षेत्रों में मौसम खराब रह सकता है और 30 मई को कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में लोगों को भयंकर गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन साथ ही जोखिम भी बढ़ा है। बिहार में 25 मई से 28 मई तक कई जगहों पर हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है, जबकि इस दौरान गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा के झोंके 70 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच सकते हैं, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।

दक्षिण भारत और मॉनसून की शुरुआत

दक्षिण भारत और मॉनसून की शुरुआत

एक विश्लेषण वीडियो, जिसमें तारीख को "[25-05-2026] भारत का मौसम" के रूप में दिखाया गया है, में बताया गया कि केरल राज्य में 25 और 26 मई 2026 को मानसून के आगमन का अनुमान है। इसका मतलब है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक शुरुआत 25–26 मई 2026 के आसपास होने की संभावना मानी गई है।

दक्षिण भारत के अन्य राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में बारिश की चेतावनी का उल्लेख किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह तथा लक्षद्वीप के लिए "येलो अलर्ट" जारी है, जबकि महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों और गुजरात राज्य में फिलहाल किसी प्रकार का अलर्ट नहीं है, हालांकि इन क्षेत्रों में भी कुछ सक्रिय मौसम की परिस्थितियां बन रही हैं।

लू और भयंकर लू: गर्मी का कहर जारी

बारिश की खुशी के बीच, गर्मी का कहर भी कम नहीं हुआ है। IMD की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 3 से 4 दिनों तक, तथा पूर्वी भारत और उसके सटे प्रायद्वीपीय भारत में अगले 2 से 3 दिनों तक लू से भीषण लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है।

विदर्भ क्षेत्र में तापमान 45, 46 और 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है, जो कि बेहद ऊंचे स्तर हैं। तेलंगाना राज्य में भी हीट वेव की चेतावनी है। छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार राज्यों में बारिश और हीट वेव दोनों का अलर्ट बताया गया है, यानी इन राज्यों में एक ही समय पर तेज गर्मी और वर्षा दोनों की संभावना को देखते हुए दोहरे प्रकार के अलर्ट प्रभावी हैं।

मुख्य शहरों में मौसम की स्थिति

मुख्य शहरों में मौसम की स्थिति

नवभारत टाइम्स के 26 मई 2026 वाले मौसम पेज पर दी गई जानकारी के अनुसार:

  • नई दिल्ली: तापमान 43.1°C, मौसम धूप वाला (Sunny)।
  • मुंबई: तापमान 34.3°C, मौसम आंशिक रूप से बादल छाए (Partly Cloudy)।
  • चेन्नई: तापमान 37.4°C, मौसम में हल्का कोहरा (Mist)।
  • हैदराबाद: तापमान 39.2°C, मौसम आंशिक रूप से बादल छाए (Partly Cloudy)।
  • बेंगलुरु: तापमान 33.1°C, मौसम आंशिक रूप से बादल छाए (Partly Cloudy)।
  • कोलकाता: तापमान 36.1°C, मौसम में हल्का कोहरा (Mist)।

दिग्गज वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार, वैज्ञानिक – एफ of IMD और डॉ. अखिल श्रीवास्तव, वैज्ञानिक – डी of IMD जैसे विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि तेज हवाएं और बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

Frequently Asked Questions

किसानों को मौसम की बदलाव के प्रति क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

किसानों को तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बचने के लिए अपने खेतों में मजबूत सहारे लगाने चाहिए। IMD ने चेतावनी दी है कि 40-50 km/h की हवाएं और कहीं-कहीं 70 km/h तक के झोंके फसलों को झुकाने या तोड़ सकते हैं। बारिश से पहले फसलों की कटाई या सुरक्षा का इंतजाम कर लेना उचित रहेगा।

क्या मानसून इस साल समय पर आएगा?

विश्लेषकों के अनुसार, केरल में मानसून का आगमन 25-26 मई 2026 के आसपास होने की संभावना है। यह औसत तिथि से थोड़ा पहले या समय पर हो सकता है, जो कि दक्षिण भारत के लिए अच्छी खबर है। हालांकि, उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के मिलन पर निर्भर करेंगी।

लू और बारिश के एक साथ अलर्ट का क्या मतलब है?

छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में एक ही समय पर लू और बारिश का अलर्ट इसलिए है क्योंकि मौसम अस्थिर है। दिन के समय तापमान 40°C से ऊपर जा सकता है, जबकि शाम या रात में अचानक आंधी-तूफान और भारी बारिश हो सकती है। इससे स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे दोनों को खतरा है।

चक्रवात 'शक्ति' से किन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा प्रभावित होगा?

हालांकि रिपोर्ट में चक्रवात 'शक्ति' का उल्लेख है, लेकिन इसके सीधे प्रभाव के लिए अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप के लिए 'येलो अलर्ट' जारी है। मुख्य भूमि भारत में इसका प्रभाव मानसून की गतिविधियों को तेज करने के रूप में देखा जा सकता है, जिससे तटीय क्षेत्रों में बारिश बढ़ सकती है।

राजीव मानव

राजीव मानव

मैं राजीव मानव, मीडिया, संगीत और समाचार के क्षेत्र में विशेषज्ञ हूं। यह मेरा जीवन संग्रहीत करने और लोगों को सूचना देने के लिए एक अद्वितीय माध्यम है। मैं भारतीय समाचार और भारतीय जीवन के विषय में लिखना पसंद करता हूं। मेरे लिखने में लोक जीवन की गहरी समझ दिखती है। बिना किसी गदरोध के, मैंने हमेशा अपने काम को प्राथमिकता दी है।

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